आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर अपनी सेहत के प्रति लापरवाह हो जाते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि सिर्फ ‘हाथ धोना’ आपको अस्पताल के भारी-भरकम बिलों से बचा सकता है? अधिकतर संक्रमण जैसे कि डायरिया, टाइफाइड और फ्लू, गंदे हाथों के जरिए ही हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हाथों को केवल पानी से गीला कर लेना काफी नहीं है। इसके लिए 40-60 सेकंड की एक विशेष प्रक्रिया अपनानी जरूरी है। आइए जानते हैं हाथ धोने का सही तरीका (Step-by-Step Handwash Technique) जो आपको और आपके परिवार को सुरक्षित रखेगा।
हाथ धोना कब जरूरी है?
प्रक्रिया शुरू करने से पहले यह जानना जरूरी है कि हमें हाथ कब-कब धोने चाहिए:
खाना पकाने या खाने से पहले।
किसी बीमार व्यक्ति की देखभाल के बाद।
शौचालय का उपयोग करने के बाद।
नाक साफ करने, छींकने या खांसने के बाद।
पालतू जानवरों को छूने के बाद।
बाहर (बाजार या ऑफिस) से घर आने पर।
हाथ धोने के 11 वैज्ञानिक चरण (WHO Steps)
नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करके आप सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपके हाथों का कोना-कोना कीटाणु मुक्त हो गया है:
स्टेप 0: हाथों को गीला करें
सबसे पहले नलों को खोलें और अपने हाथों को साफ बहते हुए पानी से अच्छी तरह गीला करें।
स्टेप 1: पर्याप्त साबुन लें
इतना साबुन या लिक्विड हैंडवॉश लें जो आपकी दोनों हथेलियों और हाथों की पूरी सतह को ढकने के लिए काफी हो।
स्टेप 2: हथेलियों को रगड़ें
दोनों हथेलियों को आपस में सामने की तरफ से रगड़ें। इससे झाग बनेगा और ऊपरी सतह साफ होगी।
स्टेप 3: उंगलियों के बीच और पीछे की सफाई
दाहिनी हथेली को बाईं हथेली के पीछे रखें और उंगलियों के बीच में ले जाकर रगड़ें। यही प्रक्रिया दूसरे हाथ के साथ भी दोहराएं। अक्सर हम उंगलियों के बीच की जगह को छोड़ देते हैं, जहाँ सबसे ज्यादा बैक्टीरिया छिपते हैं।
स्टेप 4: उंगलियां फंसाकर सामने से रगड़ें
अब हथेलियों को आमने-सामने रखें और उंगलियों को आपस में फंसाकर (Interlaced) रगड़ें।
स्टेप 5: उंगलियों के पिछले हिस्से की सफाई
अपनी उंगलियों के पिछले हिस्से को दूसरी हथेली में फंसाएं (Interlocked) और उसे दाएं-बाएं घुमाते हुए रगड़ें।
स्टेप 6: अंगूठे की सफाई
बाएं अंगूठे को दाहिनी हथेली से पकड़ें और उसे रोटेशनल (गोल) तरीके से रगड़ें। फिर दाहिने अंगूठे के साथ भी ऐसा ही करें।
स्टेप 7: नाखूनों और उंगलियों के सिरों की सफाई
अपनी उंगलियों के पोरों (Fingertips) को इकट्ठा करें और उन्हें दूसरी हथेली पर गोल-गोल रगड़ें। इससे नाखूनों के अंदर जमी गंदगी निकल जाती है।
स्टेप 8: पानी से धोएं
अब हाथों को साफ बहते पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि सारा साबुन और गंदगी निकल जाए।
स्टेप 9: सुखाना सबसे जरूरी है
हाथों को धोने के बाद उन्हें सुखाना बहुत जरूरी है क्योंकि गीले हाथों से कीटाणु जल्दी चिपकते हैं। इसके लिए ‘सिंगल यूज टॉवल’ (Disposable towel) या साफ कपड़े का इस्तेमाल करें।
स्टेप 10: नल बंद करने का तरीका
ध्यान रखें, साफ हाथों से सीधे नल को न छुएं, क्योंकि उस पर कीटाणु हो सकते हैं। नल बंद करने के लिए उसी तौलिए या टिश्यू का उपयोग करें जिससे आपने हाथ सुखाए हैं।
स्टेप 11: अब आपके हाथ सुरक्षित हैं
बधाई हो! अब आपके हाथ पूरी तरह कीटाणु मुक्त और सुरक्षित हैं।
हैंडवॉश बनाम हैंड सैनिटाइजर: क्या बेहतर है?
अक्सर लोग भ्रमित रहते हैं कि क्या सैनिटाइजर साबुन की जगह ले सकता है?
साबुन और पानी: जब हाथ शारीरिक रूप से गंदे हों, मिट्टी लगी हो या खाना खाने जा रहे हों, तो साबुन और पानी ही सबसे अच्छा विकल्प है।
सैनिटाइजर (Handrub): यदि पानी उपलब्ध न हो और हाथ ऊपर से गंदे न दिख रहे हों, तो कम से कम 60% अल्कोहल वाले सैनिटाइजर का उपयोग करें। इसकी प्रक्रिया 20-30 सेकंड की होनी चाहिए।
निष्कर्ष (Conclusion)
हाथ धोना सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक ‘जीवन रक्षक’ आदत है। यदि आप ऊपर बताए गए 11 स्टेप्स को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाते हैं, तो आप एंटीबायोटिक दवाओं की जरूरत को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
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