इंद्रधनुष (Rainbow) क्या है? | इंद्रधनुष के रंग, बनने की प्रक्रिया और रोचक तथ्य
Science Jan 07, 2026
इंद्रधनुष प्रकृति का एक अत्यंत सुंदर और आकर्षक दृश्य है, जो प्रायः बारिश के बाद आसमान में दिखाई देता है। इसके सात रंग न केवल देखने में मनमोहक होते हैं, बल्कि यह प्रकाश के व्यवहार को समझने का एक शानदार उदाहरण भी है।
इंद्रधनुष क्या है?
इंद्रधनुष आसमान में दिखाई देने वाला सात रंगों का अर्धवृत्ताकार प्रकाशीय चाप है। यह तब बनता है जब सूर्य का प्रकाश बारिश की पानी की बूंदों से होकर गुजरता है।
इंद्रधनुष के सात रंग
इंद्रधनुष में कुल सात रंग होते हैं, जिन्हें याद रखने के लिए VIBGYOR कहा जाता है:
- बैंगनी (Violet)
- जामुनी (Indigo)
- नीला (Blue)
- हरा (Green)
- पीला (Yellow)
- नारंगी (Orange)
- लाल (Red)
इंद्रधनुष में सबसे ऊपर लाल रंग और सबसे नीचे बैंगनी रंग दिखाई देता है।
इंद्रधनुष कैसे बनता है?
इंद्रधनुष बनने में प्रकाश की तीन मुख्य वैज्ञानिक प्रक्रियाएँ एक साथ कार्य करती हैं: अपवर्तन, परावर्तन और विसरण।
1️⃣ अपवर्तन (Refraction)
अपवर्तन का अर्थ है – जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाता है, तो उसकी गति बदलने के कारण वह मुड़ जाता है।
सूर्य का प्रकाश जब हवा से चलकर पानी की बूंद में प्रवेश करता है, तो हवा और पानी की घनता अलग होने के कारण प्रकाश की दिशा बदल जाती है। यही प्रक्रिया अपवर्तन कहलाती है।
उदाहरण: पानी से भरे गिलास में डाली गई पेंसिल टेढ़ी दिखाई देती है।
2️⃣ परावर्तन (Reflection)
परावर्तन का अर्थ है – प्रकाश का किसी सतह से टकराकर वापस लौट आना।
पानी की बूंद के अंदर प्रवेश करने के बाद प्रकाश उसकी भीतरी सतह से टकराता है और वापस मुड़ जाता है। इस तरह पानी की बूंद एक छोटे दर्पण की तरह कार्य करती है।
परावर्तन के बिना प्रकाश बाहर नहीं लौट सकता, इसलिए इंद्रधनुष बनना संभव नहीं होता।
3️⃣ विसरण (Dispersion)
विसरण का अर्थ है – सफेद प्रकाश का अपने अलग-अलग रंगों में विभाजित हो जाना।
सूर्य का प्रकाश देखने में सफेद होता है, लेकिन उसमें सात रंग छिपे होते हैं। जब यह प्रकाश पानी की बूंद से गुजरता है, तो प्रत्येक रंग अलग-अलग कोण पर मुड़ता है, जिससे सात रंग स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगते हैं।
इंद्रधनुष कब दिखाई देता है?
- बारिश के बाद
- जब सूर्य सामने हो और बारिश पीछे
- सुबह या शाम के समय
- झरनों या पानी की फुहारों के पास
इंद्रधनुष से जुड़े रोचक तथ्य
- कभी-कभी दोहरा इंद्रधनुष भी दिखाई देता है।
- हर व्यक्ति को इंद्रधनुष का कोण अलग दिखता है।
- इंद्रधनुष का कोई निश्चित अंत नहीं होता।
- कैमरे से ली गई तस्वीरों में भी इंद्रधनुष कैद हो सकता है।
निष्कर्ष
इंद्रधनुष केवल प्रकृति की सुंदरता नहीं, बल्कि विज्ञान का एक अद्भुत उदाहरण है। अपवर्तन, परावर्तन और विसरण की संयुक्त प्रक्रिया हमें यह रंगीन दृश्य देखने का अवसर देती है।
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