भारत के महान गणितज्ञ और उनका अद्भुत योगदान

Education Nov 30, 2025

भारत के महान गणितज्ञ और उनका अद्भुत योगदान

भारत गणित का एक समृद्ध इतिहास रखता है — शून्य की खोज से लेकर आधुनिक सांख्यिकी तक। इस लेख में हम उन प्रमुख गणितज्ञों और उनके योगदान को सरल और पठनीय हिन्दी में समझेंगे।

आर्यभट्ट (476 ई.)

आर्यभट्ट

प्रमुख योगदान:

  • कृति: आर्यभटीय — गणित और खगोल विज्ञान पर एक महत्वपूर्ण ग्रंथ।
  • π (पाई) के सन्निकटन, दशमलव प्रणाली और ग्रहणों की व्याख्या।
  • पृथ्वी के स्वत: घूर्णन का सुझाव।

श्रीनिवास रामानुजन (1887–1920)

श्रीनिवास रामानुजन

प्रमुख योगदान:

  • गणितीय प्रतिभा और संख्या सिद्धांत में गहन अनुसंधान।
  • अनंत श्रेणियाँ, फ़ंक्शन और अनोखे सूत्र।
  • रामानुजन–हदीय संख्याएँ और कई गहन पहचानें।

ब्रह्मगुप्त (598 ई.)

ब्रह्मगुप्त

प्रमुख योगदान:

  • शून्य (0) को संख्या के रूप में परिभाषित किया और उसके गणितीय नियम बताए।
  • ऋणात्मक और धनात्मक संख्याओं के साथ संचालन के नियम।

वराहमिहिर (505–587 ई.)

वराहमिहिर

प्रमुख योगदान:

  • कृतियाँ: पंचसिद्धान्तिका — खगोलशास्त्र और गणित का संगम।
  • ग्रहों की स्थिति और गति के गणनात्मक नियम।

भास्कर प्रथम और भास्कर द्वितीय

भास्कराचार्य

प्रमुख योगदान:

  • त्रिकोणमिति और ज्यामिति में महत्वपूर्ण कार्य — भास्कर प्रथम।
  • भास्कर द्वितीय की रचनाएँ: लीलावती, बीजगणित — कलन की प्रारंभिक अवधारणाएँ।

सी. आर. राव (1920–2023)

C R Rao

प्रमुख योगदान:

  • राव–ब्लैकवेल प्रमेय और सांख्यिकी के सैद्धांतिक विकास।
  • आधुनिक सांख्यिकी के कई बुनियादी सिद्धांतों का विकास।

शकुंतला देवी (1929–2013)

शकुंतला देवी

प्रमुख योगदान:

  • "मानव कंप्यूटर" — मानसिक गणित में अद्भुत क्षमता।
  • गणित को जन-जन तक पहुँचाने में भूमिका और मनोरंजक गणितीय प्रदर्शन।

निष्कर्ष

भारत के गणितज्ञों ने विज्ञान और गणित को निरंतर समृद्ध किया है। इनके सिद्धांत आज भी शिक्षा, अनुसंधान और तकनीक में उपयोग में आते हैं।


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