वैदिक गणित के 16 सूत्र — तेज़ गणना के रहस्य

Education Dec 06, 2025

वैदिक गणित के 16 सूत्र — तेज़ गणना के रहस्य

वैदिक गणित प्राचीन भारतीय गणितीय तकनीकों का एक संग्रह है जो तेज़, सरल और दिमाग़ी गणना के लिए उपयोगी है। यह 16 प्रमुख सूत्रों (Sutras) और कुछ उप-सूत्रों पर आधारित है। नीचे हमने इन सूत्रों का संक्षिप्त परिचय, उपयोग और कुछ आसान उदाहरण दिए हैं ताकि आप रोज़मर्रा की गणनाएँ और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी सहजता से कर सकें।


वैदिक गणित — संक्षेप में

वैदिक गणित का उद्देश्य है मानसिक गणना को तेज़ बनाना और हल निकालने के सरल, रचनात्मक तरीके देना। यह विधि बच्चों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों दोनों के लिए बेहद फायदेमंद है।


16 प्रमुख सूत्र (संक्षेप)

  1. एकाधिकेन पूर्वेण — 9, 99, 999 जैसे के साथ तेज़ गुणा।
  2. निखिलं नवतः चरतः — "All from 9 and last from 10" — complement विधि।
  3. ऊर्ध्व-तिर्यक् — Vertically and crosswise (cross-multiplication)।
  4. परावर्त्य योजयेत् — Transpose and adjust (Algebra में मदद)।
  5. शून्यांश सम्म्यक् — Zero-specific shortcuts।
  6. आनुरूप्येण — Proportionately (अनुपाती हल)।
  7. संकलन-व्यवकलनाभ्यां — Addition & subtraction based tricks।
  8. पूर्वे पूर्वे — First-by-first, last-by-last shortcuts।
  9. चालन-कलनाभ्यां — Calculus related simplifications (उन्नत)।
  10. यावत् तावत् — As much as it is (squares और expansions)।
  11. विलोमेन — Inverse methods (division में मदद)।
  12. रूप्येण — By the deficiency (कमी से गुणा/भाग)
  13. स्वल्पेन् — By a little (small adjustments)।
  14. शेषांशेन — Remainder based tricks।
  15. सोपान्त्य-द्वयमन्त्यम् — Ultimate & twice the penultimate (उन्नत)
  16. गणितज्ञसमुच्चय — Aggregation / master-approach।

दो उपयोगी उदाहरण

Example 1 — ऊर्ध्व-तिर्यक् (12 × 13)

Step: (1) Multiply 1×1 = 1 (hundreds), (2) Crosswise 1×3 + 2×1 = 5 (tens), (3) 2×3 = 6 (units). Result = 156.


Example 2 — निखिलं नवतः चरतः (Finding complement to 100)

To multiply 96 × 97: take complements 4 and 3. Multiply complements: 4×3=12 (right part). Subtract cross: 96−3=93 (left part). Result = 9312.


वैदिक गणित सीखने के सुझाव

  • रोज़ कम से कम 10–15 मिनट अभ्यास करें।
  • शुरुआत सरल उदाहरणों से करें और धीरे-धीरे बड़ी संख्याएँ प्रयोग करें।
  • ऊर्ध्व-तिर्यक् और निखिलं नवतः चरतः को पहले मास्टर करें—ये सबसे काम के सूत्र हैं।
  • Competitive exam patterns के हिसाब से समय-प्रती अभ्यास करें।

निष्कर्ष

वैदिक गणित न केवल गणना की गति बढ़ाता है बल्कि दिमाग़ को लचीला, रचनात्मक और समस्याओं के समाधान के प्रति तेज़ बनाता है। यदि आपका लक्ष्य प्रतियोगी परीक्षाओं में तेज़ी से प्रश्न हल करना है या मानसिक गणना सुधारनी है—तो वैदिक गणित एक बेहतरीन तकनीक है।


Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Comments

No comments yet. Be the first one!


← Back to Home