सोनार सिस्टम क्या है? | Sonar System in Hindi
Science Dec 28, 2025
आज के समय में Sonar System (सोनार सिस्टम) समुद्री विज्ञान और रक्षा क्षेत्र की एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीक है। खास बात यह है कि इस तकनीक की प्रेरणा हमें प्रकृति से मिली है। जैसे चमगादड़ और डॉल्फ़िन ध्वनि तरंगों की मदद से रास्ता और शिकार पहचानते हैं, वैसे ही इंसान ने जहाजों और पनडुब्बियों के लिए सोनार सिस्टम विकसित किया।
सोनार सिस्टम क्या होता है?
SONAR का पूरा नाम है – Sound Navigation And Ranging।
सोनार सिस्टम ध्वनि तरंगों (Sound Waves) की मदद से किसी वस्तु की दूरी, दिशा, आकार और स्थिति का पता लगाता है। यह तकनीक विशेष रूप से पानी के अंदर उपयोगी होती है, जहाँ प्रकाश (Light) प्रभावी नहीं होता।
सोनार सिस्टम कैसे काम करता है?
- सोनार डिवाइस पानी में ध्वनि तरंगें भेजता है
- ये तरंगें किसी वस्तु से टकराकर वापस लौटती हैं
- लौटने में लगे समय को मापा जाता है
- इसी समय के आधार पर दूरी और लोकेशन पता की जाती है
इस प्रक्रिया को Echo Principle कहा जाता है।
जानवरों में सोनार सिस्टम (Echolocation)
प्रकृति में कई जीव सोनार जैसी प्रणाली का उपयोग करते हैं, जिसे Echolocation कहा जाता है।
चमगादड़ (Bat)
चमगादड़ रात में उड़ते समय अल्ट्रासोनिक ध्वनि उत्पन्न करते हैं। इन ध्वनियों की गूंज (Echo) से वे:
- रास्ता पहचानते हैं
- कीड़ों का शिकार करते हैं
- अंधेरे में भी बिना टकराए उड़ते हैं
बॉटलनोज़ डॉल्फ़िन (Bottlenose Dolphin)
डॉल्फ़िन पानी के अंदर अत्यंत सटीक Echolocation का उपयोग करती हैं। वे ध्वनि तरंगों की मदद से:
- मछलियों की दूरी और आकार पहचानती हैं
- अंधेरे या गहरे पानी में रास्ता ढूंढती हैं
- समूह में तालमेल बनाए रखती हैं
वास्तव में, डॉल्फ़िन का सोनार सिस्टम इंसानों द्वारा बनाए गए कई सोनार सिस्टम से भी ज्यादा उन्नत होता है।
मानव निर्मित सोनार सिस्टम
जहाजों में सोनार
जहाजों में सोनार सिस्टम का उपयोग:
- समुद्र की गहराई मापने के लिए
- पानी के नीचे चट्टानें पहचानने के लिए
- सुरक्षित नौवहन के लिए
पनडुब्बियों (Submarine) में सोनार
पनडुब्बियों में सोनार सिस्टम का उपयोग:
- दुश्मन की पनडुब्बी खोजने के लिए
- समुद्री निगरानी और सुरक्षा के लिए
- गुप्त सैन्य अभियानों में
सोनार सिस्टम के प्रकार
1️⃣ Active Sonar
इसमें डिवाइस खुद ध्वनि तरंगें भेजता है और लौटने वाली Echo से जानकारी प्राप्त करता है।
2️⃣ Passive Sonar
इसमें कोई ध्वनि नहीं भेजी जाती, बल्कि आसपास की आवाज़ों को सुनकर वस्तु की पहचान की जाती है।
सोनार सिस्टम के उपयोग
- नौसेना और रक्षा क्षेत्र
- समुद्री अनुसंधान
- मछली खोजने में
- समुद्र की गहराई मापने में
- खनिज और तेल की खोज
निष्कर्ष
सोनार सिस्टम इस बात का शानदार उदाहरण है कि प्रकृति से सीखकर इंसान ने विज्ञान को कैसे आगे बढ़ाया। चमगादड़ और डॉल्फ़िन की Echolocation तकनीक से प्रेरित होकर आज सोनार सिस्टम समुद्र की गहराइयों में हमारी आँखों का काम करता है।
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