जब हम बाजार से कोई भी सामान खरीदते हैं— चाहे वह खाने-पीने की चीज़ें हों, घर के लिए बिजली के उपकरण हों, या फिर सोने के आभूषण— हमारे दिमाग में एक ही सवाल होता है: “क्या यह सामान असली और सुरक्षित है?”
बाजार में मिलने वाले नकली और मिलावटी सामानों से ग्राहकों को बचाने के लिए ही भारत सरकार ने कुछ विशेष ‘सर्टिफिकेशन मार्क्स’ (प्रमाणन चिह्न) बनाए हैं। किसी भी प्रोडक्ट पर छपे ये छोटे-छोटे लोगो या निशान इस बात की गारंटी होते हैं कि वह सामान क्वालिटी, सुरक्षा और शुद्धता के सभी पैमानों पर खरा उतरता है।
आज Gyan4u के इस लेख में, हम आसान भाषा में जानेंगे कि भारत में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख प्रोडक्ट मार्क्स कौन-कौन से हैं और एक जागरूक ग्राहक के रूप में आपको इनकी पहचान कैसे करनी चाहिए।
1. अनिवार्य प्रोडक्ट मार्क्स (Mandatory Certification Marks)
कुछ उत्पादों को बाजार में बेचने से पहले सरकार से ये सर्टिफिकेट लेना बिल्कुल अनिवार्य (Mandatory) होता है। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते
ISI मार्क (Indian Standards Institute)
भारत में यह सबसे ज्यादा पहचाना जाने वाला और भरोसेमंद क्वालिटी मार्क है। यह सुनिश्चित करता है कि प्रोडक्ट भारतीय मानकों (Indian Standards) के अनुसार ही बनाया गया है और इस्तेमाल के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
किन पर लागू होता है: बिजली के उपकरण (जैसे स्विच, केबल, हीटर, प्रेस), सीमेंट, स्टील के उत्पाद, रसोई गैस (LPG) सिलेंडर, हेलमेट और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर (पानी की बोतलें)।
फायदा: अगर आप ISI मार्क वाला इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदते हैं, तो शॉर्ट-सर्किट या करंट लगने का खतरा ना के बराबर होता है।
FSSAI मार्क (Food Safety and Standards Authority of India)
क्या आपने कभी चिप्स का पैकेट या बिस्किट खरीदा है? उसके पीछे ध्यान से देखिएगा, आपको 14 अंकों का एक लाइसेंस नंबर और FSSAI का लोगो नज़र आएगा।
किन पर लागू होता है: बाजार में बिकने वाले सभी डिब्बाबंद और पैकेज्ड फूड आइटम्स पर।
फायदा: यह मार्क इस बात की गारंटी है कि वह खाना साफ-सफाई से बनाया गया है, उसमें कोई हानिकारक केमिकल नहीं है, और वह आपकी सेहत के लिए सुरक्षित है।
एगमार्क (AGMARK – Agricultural Marketing)
यह शब्द ‘एग्रीकल्चर’ और ‘मार्क’ से मिलकर बना है। यह भारत सरकार के ‘विपणन और निरीक्षण निदेशालय’ द्वारा जारी किया जाता है।
किन पर लागू होता है: मुख्य रूप से कृषि उत्पादों पर। जैसे— दालें, अनाज, सरसों या मूंगफली का तेल, मसाले, शहद, आटा और शुद्ध घी।
फायदा: यह प्रोडक्ट की शुद्धता और उसके सही केमिकल कंपोजिशन की गारंटी देता है। (जैसे घी में मिलावट तो नहीं है, यह एगमार्क से पता चलता है)।
BIS हॉलमार्क (BIS Hallmark)
सोना या चांदी खरीदते समय अगर आप हॉलमार्क नहीं देखते, तो आपके ठगे जाने के चांस बहुत ज्यादा हैं। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) द्वारा जारी यह मार्क सोने और चांदी की शुद्धता का एकमात्र सरकारी प्रमाण है।
किन पर लागू होता है: सोने और चांदी के आभूषणों पर।
फायदा: हॉलमार्क में सोने की शुद्धता साफ लिखी होती है। उदाहरण के लिए, 22 कैरेट सोने पर ‘916’ लिखा होता है, जिसका मतलब है कि उसमें 91.6% शुद्ध सोना है।
FPO मार्क (Fruit Products Order)
अगर आप अपने बच्चों के लिए बाजार से फ्रूट जैम या जूस लाते हैं, तो उस पर FPO मार्क जरूर चेक करें।
किन पर लागू होता है: सभी प्रोसेस्ड फ्रूट प्रोडक्ट्स पर। जैसे— फलों का जैम, जूस, स्क्वैश, अचार और डिब्बाबंद सूखे मेवे।
फायदा: यह मार्क बताता है कि इन फलों के उत्पादों को एक स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण (Hygienic environment) में तैयार किया गया है।
2. विशेष और स्वैच्छिक मार्क्स (Specialized & Voluntary Marks)
कुछ मार्क्स ऐसे होते हैं जो उत्पाद की किसी खास खूबी को दर्शाते हैं। ये जरूरी नहीं कि हर प्रोडक्ट पर हों, लेकिन इनका होना प्रोडक्ट की वैल्यू बढ़ा देता है:
इकोमार्क (EcoMark): यह मार्क एक ‘मिट्टी के घड़े’ (Earthen Pot) के रूप में होता है। यह BIS द्वारा उन उत्पादों को दिया जाता है जो पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) होते हैं और जिनसे प्रकृति को कम से कम नुकसान पहुँचता है।
इंडिया ऑर्गेनिक (India Organic): अगर आप अपनी सेहत को लेकर बहुत सतर्क हैं और बिना केमिकल या कीटनाशक वाली चीजें खाते हैं, तो यह मार्क आपके लिए है। यह बताता है कि खेती में किसी भी तरह के कृत्रिम खाद या जहर का उपयोग नहीं हुआ है।
शाकाहारी/मांसाहारी मार्क (Veg/Non-Veg Mark): यह सबसे आम मार्क है। किसी भी खाने की चीज़ पर एक चौकोर डिब्बे के अंदर हरा बिंदु (Green Dot) बताता है कि यह 100% शाकाहारी है। वहीं, भूरा या लाल बिंदु (Brown/Red Dot) बताता है कि इसमें मांसाहारी तत्वों (जैसे अंडा या मांस) का इस्तेमाल हुआ है।
सिल्क मार्क (Silk Mark): अगर आप असली रेशम (Silk) की साड़ी या कपड़े खरीद रहे हैं, तो ‘सिल्क मार्क’ का लोगो जरूर देखें। यह 100% शुद्ध रेशम की गारंटी देता है।
GI टैग (Geographical Indication): यह किसी खास भौगोलिक जगह की पहचान होता है। उदाहरण के लिए— ‘दार्जिलिंग चाय’, ‘बनारसी साड़ी’ या ‘बासमती चावल’। यह टैग बताता है कि प्रोडक्ट उसी खास जगह से आया है जहाँ की वह मशहूर है।
3. अंतर्राष्ट्रीय मानक (ISO Standards)
ऊपर बताए गए सभी मार्क्स प्रोडक्ट के लिए होते हैं, लेकिन ‘ISO’ (International Organization for Standardization) सर्टिफिकेट उस कंपनी के मैनेजमेंट और काम करने के तरीके को दिया जाता है।
ISO 9001: इसका मतलब है कि कंपनी का ‘क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम’ (QMS) बहुत शानदार है और वे हमेशा अच्छी क्वालिटी का सामान बनाते हैं।
ISO 22000: यह विशेष रूप से फूड कंपनियों को दिया जाता है, जो यह साबित करता है कि उनका ‘फूड सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम’ विश्व स्तर का है।
प्रमुख सर्टिफिकेशन मार्क्स का सारांश (Summary Table)
| मार्क का नाम | लागू होने का प्रकार | मुख्य रूप से किसके लिए है? |
| ISI मार्क | अनिवार्य (Mandatory) | इलेक्ट्रॉनिक आइटम, हेलमेट, सीमेंट, स्टील |
| FSSAI | अनिवार्य (Mandatory) | सभी प्रकार के पैकेज्ड फूड आइटम |
| एगमार्क (AGMARK) | अनिवार्य/स्वैच्छिक | मसाले, तेल, शहद, घी जैसे कृषि उत्पाद |
| BIS हॉलमार्क | अनिवार्य (Mandatory) | सोने और चांदी के आभूषण (ज्वेलरी) |
| FPO मार्क | अनिवार्य (Mandatory) | फलों का जैम, जूस, और अचार |
| इकोमार्क (EcoMark) | स्वैच्छिक (Voluntary) | पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) उत्पाद |
निष्कर्ष (Conclusion)
जागरूकता ही बचाव है! अगली बार जब आप बाजार जाएं, तो सिर्फ सामान की पैकिंग और विज्ञापन देखकर खरीदारी न करें। Gyan4u की यह जानकारी याद रखें और सामान के डिब्बे पर ISI, FSSAI, या AGMARK जैसे निशान जरूर चेक करें। ये छोटे-छोटे मार्क आपके और आपके परिवार के स्वास्थ्य, पैसे और सुरक्षा की बहुत बड़ी गारंटी होते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: खाने के तेल और मसालों पर कौन सा मार्क देखना चाहिए?
उत्तर: मसालों, खाने के तेल, घी और शहद जैसे कृषि उत्पादों पर आपको हमेशा ‘AGMARK’ (एगमार्क) का निशान देखना चाहिए। यह उनकी शुद्धता की गारंटी है।
Q2: ISI और FSSAI मार्क में क्या अंतर है?
उत्तर: ISI मार्क मुख्य रूप से औद्योगिक उत्पादों (जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान, सीमेंट, लोहे) की क्वालिटी सुनिश्चित करता है। जबकि FSSAI मार्क सिर्फ खाने-पीने की डिब्बाबंद चीज़ों (Food items) की सुरक्षा के लिए होता है।
Q3: 22 कैरेट सोने पर कौन सा हॉलमार्क नंबर लिखा होता है?
उत्तर: 22 कैरेट शुद्ध सोने के आभूषणों पर BIS हॉलमार्क के साथ ‘916’ कोड लिखा होता है। 18 कैरेट के लिए यह कोड ‘750’ होता है।
Q4: क्या पानी की बोतल पर भी कोई सर्टिफिकेशन जरूरी है?
उत्तर: जी हाँ! पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर (पानी की बोतल) पर ISI मार्क होना पूरी तरह से अनिवार्य है। बिना ISI मार्क वाला पानी खरीदना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।
Q5: इकोमार्क (EcoMark) क्या दर्शाता है?
उत्तर: इकोमार्क (जिसका लोगो एक मिट्टी का घड़ा होता है) यह दर्शाता है कि वह प्रोडक्ट पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाता है और पूरी तरह से ईको-फ्रेंडली है।
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